श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 204
 
 
श्लोक  1.2.204 
গঙ্গা-স্নানে চলিলা সকল ভক্ত-গণ
নিরবধি চতুর্-দিকে হরি-সঙ্কীর্তন
गङ्गा-स्नाने चलिला सकल भक्त-गण
निरवधि चतुर्-दिके हरि-सङ्कीर्तन
 
 
अनुवाद
जब सभी भक्तगण गंगा में स्नान करने गए तो सभी दिशाओं से हरि नाम की ध्वनि निरंतर सुनाई देने लगी।
 
When all the devotees went to take bath in the Ganga, the sound of Hari's name started being heard continuously from all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)