श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 201
 
 
श्लोक  1.2.201 
হেন হরি-ধ্বনি হৈল সর্ব-নদীযায
ব্রহ্মাণ্ড পূরিযা ধ্বনি স্থান নাহি পায
हेन हरि-ध्वनि हैल सर्व-नदीयाय
ब्रह्माण्ड पूरिया ध्वनि स्थान नाहि पाय
 
 
अनुवाद
पूरी नादिया हरि नाम के ध्वनि-कंपन से भर गई। वास्तव में, इस ध्वनि-कंपन ने पूरे ब्रह्मांड और उससे परे को भर दिया।
 
The entire Nadi was filled with the sound vibration of Hari's name. In fact, this sound vibration filled the entire universe and beyond.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)