श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 200
 
 
श्लोक  1.2.200 
অনন্ত অর্বুদ লোক গঙ্গা-স্নানে যায
’হরি বোল’ ’হরি বোল’ বলি’ সবে ধায
अनन्त अर्बुद लोक गङ्गा-स्नाने याय
’हरि बोल’ ’हरि बोल’ बलि’ सबे धाय
 
 
अनुवाद
लाखों लोग “हरि बोल! हरि बोल!” का जयघोष करते हुए गंगा स्नान करने गए।
 
Chanting "Hari Bol! Hari Bol!", lakhs of people went to bathe in the Ganges.
तात्पर्य
उसी शाम चंद्रग्रहण हुआ और हर कोई हरि के पवित्र नामों का जप करने और गंगा में स्नान करने में व्यस्त था जैसे कि अनजाने में भगवान के आगमन का जश्न मना रहे हों।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)