श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 198
 
 
श्लोक  1.2.198 
ঈশ্বরের কর্ম বুঝিবার শক্তি কায?
চন্দ্রে আচ্ছাদিল রাহু ঈশ্বর-ইচ্ছায
ईश्वरेर कर्म बुझिबार शक्ति काय?
चन्द्रे आच्छादिल राहु ईश्वर-इच्छाय
 
 
अनुवाद
भगवान के कार्यकलापों को समझने की शक्ति किसमें है? अपनी इच्छा से राहु ने चंद्रमा को ढक लिया।
 
Who has the power to understand the workings of the Lord? By his own will, Rahu covered the moon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)