श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 194
 
 
श्लोक  1.2.194 
এই-মত ব্রহ্মাদি দেবতা প্রতি-দিনে
গুপ্তে রহি’ ঈশ্বরের করেন স্তবনে
एइ-मत ब्रह्मादि देवता प्रति-दिने
गुप्ते रहि’ ईश्वरेर करेन स्तवने
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ब्रह्मा आदि देवता प्रतिदिन एकांत में प्रार्थना करते थे।
 
In this way, gods like Lord Brahma used to pray in solitude every day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)