श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 192
 
 
श्लोक  1.2.192 
যে তোমারে যোগেশ্বর সবে দেখে ধ্যানে
সে তুমি বিদিত হৈবে নবদ্বীপ-গ্রামে
ये तोमारे योगेश्वर सबे देखे ध्याने
से तुमि विदित हैबे नवद्वीप-ग्रामे
 
 
अनुवाद
“आप जो योगियों के ध्यान के माध्यम से योगेश्वर के रूप में देखे जाते हैं, अब नवद्वीप गाँव में देखे जाएँगे।
 
“You who are seen as Yogeshwara through the meditation of yogis will now be seen in Navadvipa village.
तात्पर्य
"महान योगी साधक अपने हृदय में आपके रूप का ध्यान करते हैं। आप उस शाश्वत आध्यात्मिक रूप को नवद्वीप के निवासियों के लाभ के लिए प्रकट करेंगे।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)