श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 180
 
 
श्लोक  1.2.180 
কি কহিব পৃথিবীর আনন্দ-প্রকাশ
তুমি নৃত্য করিবে মিলিযা সর্ব-দাস
कि कहिब पृथिवीर आनन्द-प्रकाश
तुमि नृत्य करिबे मिलिया सर्व-दास
 
 
अनुवाद
“जब आप अपने सेवकों के साथ नृत्य करेंगे तो इस पृथ्वी ग्रह को जो आनंद मिलेगा उसका वर्णन हम कैसे कर सकते हैं?
 
“How can we describe the joy that this planet Earth will experience when you dance with your servants?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)