श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 178
 
 
श्लोक  1.2.178 
এই অবতারে ভাগবত-রূপ ধরি’
কীর্তন করিবে সর্ব-শক্তি পরচারি’
एइ अवतारे भागवत-रूप धरि’
कीर्तन करिबे सर्व-शक्ति परचारि’
 
 
अनुवाद
“इस अवतार में एक भक्त के रूप में, आप अपनी सारी दिव्य ऊर्जा कीर्तन में लगाएंगे।
 
“As a devotee in this incarnation, you will put all your divine energy into kirtan.
तात्पर्य
"गौरंग के रूप में आपके अवतार में, आप शाश्वत सेवा के पाँच रूपों का प्रचार करेंगे।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)