পীত-বাস, শ্রীবত্সাদি নিজ-চিহ্ন ধরি’
পূজা কর, মহারাজ-রূপে অবতরি’
पीत-वास, श्रीवत्सादि निज-चिह्न धरि’
पूजा कर, महाराज-रूपे अवतरि’
अनुवाद
"आप पीले वस्त्र पहनते हैं और श्रीवत्स चिह्न से सुशोभित हैं। एक महान राजा के रूप में, आप स्वयं विग्रह पूजा की विधि का प्रदर्शन करते हैं।"
"You wear yellow clothes and are adorned with the Srivatsa symbol. As a great king, you yourself perform the ritual of Deity worship."
तात्पर्य
महारज-रूप का शब्द उस व्यक्ति को संकेत करता है जो छत्र, चँवर आदि वस्तुओं से सुशोभित होता है। इस संबंध में श्रीधर स्वामी की श्रीमद् भागवतम (11.5.28) पर भावार्थ-दीपिका टीका का उल्लेख किया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥