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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 2: भगवान का अवतरण
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श्लोक 161
श्लोक
1.2.161
সত্য-যুগে তুমি, প্রভু, শুভ্র বর্ণ ধরি’
তপো-ধর্ম বুঝাও আপনে তপ করি’
सत्य-युगे तुमि, प्रभु, शुभ्र वर्ण धरि’
तपो-धर्म बुझाओ आपने तप करि’
अनुवाद
हे प्रभु, सत्ययुग में आप श्वेत वर्ण धारण करके अपने प्रत्यक्ष उदाहरण से तपस्या के सिद्धांतों का उपदेश देने के लिए प्रकट हुए हैं।
O Lord, in the Satyayuga, You have appeared wearing white complexion to preach the principles of austerity by Your living example.
तात्पर्य
श्वेत रंग शब्द शुभ्र सत्य-युग के लिए अवतारों द्वारा स्वीकार्य संकेत देता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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