श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 160
 
 
श्लोक  1.2.160 
তথাপিহ তুমি সে আপনে অবতরি’
সর্ব-ধর্ম বুঝাও পৃথিবী ধন্য করি’
तथापिह तुमि से आपने अवतरि’
सर्व-धर्म बुझाओ पृथिवी धन्य करि’
 
 
अनुवाद
“फिर भी आप सभी को धार्मिक सिद्धांतों की शिक्षा देने के लिए स्वयं अवतार लेते हैं और इस प्रकार पृथ्वी को गौरवशाली बनाते हैं।
 
“Yet You Yourself incarnate to teach the religious principles to all and thus make the earth glorious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)