श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  1.2.159 
তোমার আজ্ঞায এক এক সেবকে তোমার
অনন্ত ব্রহ্মাণ্ড পারে করিতে উদ্ধার
तोमार आज्ञाय एक एक सेवके तोमार
अनन्त ब्रह्माण्ड पारे करिते उद्धार
 
 
अनुवाद
“आपके आदेश से, आपका प्रत्येक सेवक असंख्य ब्रह्मांडों का उद्धार कर सकता है।
 
“By your command, each of your servants can save countless universes.
तात्पर्य
वैष्णव कवि श्री देवकीनंदन दास ने गाया है: "ब्रह्माण्ड तातार शक्ति धारे जने जने"—प्रभु श्री चैतन्य महाप्रभु के भक्तों में से हर एक व्यक्ति सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को तर सकता है।।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)