श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 154
 
 
श्लोक  1.2.154 
যে তুমি—অনন্ত-কোটি-ব্রহ্মাণ্ডের বাস
সে তুমি শ্রী-শচী-গর্ভে করিলা প্রকাশ
ये तुमि—अनन्त-कोटि-ब्रह्माण्डेर वास
से तुमि श्री-शची-गर्भे करिला प्रकाश
 
 
अनुवाद
आप असंख्य ब्रह्माण्डों के आश्रय हैं, फिर भी आपने माता शचीदेवी के गर्भ में प्रवेश किया है।
 
You are the shelter of countless universes, yet You have entered the womb of Mother Shachidevi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)