श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  1.2.141 
বিশ্বরূপ-মূর্তি—যেন অভিন্ন-মদন
দেখি’ হরষিত দুই ব্রাহ্মণী-ব্রাহ্মণ
विश्वरूप-मूर्ति—येन अभिन्न-मदन
देखि’ हरषित दुइ ब्राह्मणी-ब्राह्मण
 
 
अनुवाद
श्री विश्वरूप साक्षात् कामदेव के समान आकर्षक थे। उन्हें देखकर उनके माता-पिता प्रसन्न हुए।
 
Shri Visvarupa was as attractive as Cupid himself. His parents were delighted to see him.
तात्पर्य
श्री विश्वरूप को कामदेव के समान सुंदर देख उनके माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हुए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)