কি কশ্যপ, দশরথ, বসুদেব, নন্দ
সর্ব-ময-তত্ত্ব জগন্নাথ-মিশ্র-চন্দ্র
कि कश्यप, दशरथ, वसुदेव, नन्द
सर्व-मय-तत्त्व जगन्नाथ-मिश्र-चन्द्र
अनुवाद
कश्यप, दशरथ, वसुदेव और नंद महाराज के सभी अच्छे गुण जगन्नाथ मिश्र में पाए जाते थे।
All the good qualities of Kasyapa, Dasharatha, Vasudeva and Nanda Maharaja were found in Jagannatha Mishra.
तात्पर्य
कश्यप मुनि जैसे शुद्ध भलमनसाइयों के सभी अवतार, जो उपेंद्र के पिता थे; रामचंद्र के पिता दशरथ; वासुदेव के पिता वासुदेव; और व्रजेंद्र-नंदन के पिता नंद महाराज, सभी एक साथ जगन्नाथ मिश्र के रूप में प्रकट हुए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥