श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  1.2.137 
উদার-চরিত্র তেঙ্হো ব্রহ্মণ্যের সীমা
হেন নাহি, যাহা দিযা করিব উপমা
उदार-चरित्र तेङ्हो ब्रह्मण्येर सीमा
हेन नाहि, याहा दिया करिब उपमा
 
 
अनुवाद
वह महान दानशील और ब्राह्मणों में श्रेष्ठ था। सचमुच, मैं उसकी तुलना किसी से नहीं कर सकता।
 
He was a great donor and the best among the Brahmins. Truly, I cannot compare him to anyone.
तात्पर्य
इस संसार में श्री जगन्नाथ मिश्र के उदार चरित्र की कोई तुलना नहीं है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)