श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  1.2.136 
নবদ্বীপে আছে জগন্নাথ মিশ্র-বর
বসুদেব-প্রায তেঙ্হো স্ব-ধর্মে তত্পর
नवद्वीपे आछे जगन्नाथ मिश्र-वर
वसुदेव-प्राय तेङ्हो स्व-धर्मे तत्पर
 
 
अनुवाद
श्री जगन्नाथ मिश्र नवद्वीप में रहते थे। वे वसुदेव के समान ही थे और अपने निर्धारित कर्तव्यों का पालन करने में निपुण थे।
 
Sri Jagannatha Mishra lived in Navadvipa. He was like Vasudeva and was adept at performing his prescribed duties.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)