श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  1.2.133 
সেই-দিন হৈতে রাঢ-মণ্ডল সকল
বাডিতে লাগিল পুনঃ পুনঃ সুমঙ্গল
सेइ-दिन हैते राढ-मण्डल सकल
बाडिते लागिल पुनः पुनः सुमङ्गल
 
 
अनुवाद
उस दिन से राधा-देश का जिला समृद्धि से भर गया।
 
From that day onwards the district of Radha-desh was filled with prosperity.
तात्पर्य
श्री नित्यानन्द के प्रादुर्भाव से राधादेश का कोना-कोना शुभमंगल से भर उठा।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)