श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  1.2.131 
কৃপা-সিন্ধু, ভক্তি-দাতা, প্রভু বলরাম
অবতীর্ণ হৈলা ধরি’ নিত্যানন্দ-নাম
कृपा-सिन्धु, भक्ति-दाता, प्रभु बलराम
अवतीर्ण हैला धरि’ नित्यानन्द-नाम
 
 
अनुवाद
भगवान बलराम दया के सागर और भक्ति के दाता हैं। वे श्री नित्यानंद प्रभु के रूप में प्रकट हुए।
 
Lord Balarama is the ocean of mercy and the bestower of devotion. He appeared as Sri Nityananda Prabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)