श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  1.2.128 
ঈশ্বর-আজ্ঞায আগে শ্রী-অনন্ত-ধাম
রাঢে অবতীর্ণ হৈলা নিত্যানন্দ-রাম
ईश्वर-आज्ञाय आगे श्री-अनन्त-धाम
राढे अवतीर्ण हैला नित्यानन्द-राम
 
 
अनुवाद
भगवान के आदेश से, श्री नित्यानंद राम, जो अनंत से अभिन्न हैं, पहले राधा-देश में प्रकट हुए।
 
By the order of the Lord, Sri Nityananda Rama, who is non-different from the infinite, first appeared in Radha-desa.
तात्पर्य
परम पुरूषोत्तम भगवान श्रीकृष्णचंद्र की आज्ञा से श्रीआदिशेष (अनंत) से अभिन्न श्रीबलदेव, राढादेश के एक चक्र नामक गाँव में नित्यानंद स्वरूप में प्रगट हुए |
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)