श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 127
 
 
श्लोक  1.2.127 
ছাডিলেন ভক্ত-গণ সর্ব উপভোগ
অবতরিবারে প্রভু করিলা উদ্যোগ
छाडिलेन भक्त-गण सर्व उपभोग
अवतरिबारे प्रभु करिला उद्योग
 
 
अनुवाद
जब भक्तों ने सभी भौतिक सुखों का त्याग कर दिया, तो परम भगवान ने आगमन की तैयारी की।
 
When the devotees renounced all material pleasures, the Supreme Lord prepared for His arrival.
तात्पर्य
जैसे-जैसे भक्त भगवान के प्रकटीकरण का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने हर तरह की सांसारिक खुशी और आनंद का त्याग किया। परमेश्वर प्रभु भक्तों के दुख को देखकर करुणा से भर गए और प्रकट होने के लिए तैयार हो गए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)