श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 115
 
 
श्लोक  1.2.115 
এ বামুনে ঘুচাইলে গ্রামের মঙ্গল
অন্যথা যবনে গ্রাম করিবে করল’
ए वामुने घुचाइले ग्रामेर मङ्गल
अन्यथा यवने ग्राम करिबे करल’
 
 
अनुवाद
"अगर हम इस ब्राह्मण से छुटकारा पा लें, तो गाँव के लिए अच्छा होगा। वरना यवन शहर पर कब्ज़ा कर लेंगे।"
 
"If we get rid of this Brahmin, it will be good for the village. Otherwise the Yavanas will take over the city."
तात्पर्य
"अगर हम श्रीवास को राज्य से बाहर निकाल सकते हैं, तो शहर में समृद्धि आएगी। अगर श्रीवास यहाँ रहेगा, तो मुस्लिम राजा गाँववालों की शांति और खुशियों को बरबाद कर देगा।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)