वाक्यांश यवन नरपति का तात्पर्य लोधी और सैयद वंश के राजाओं से है जो बंगाल के प्रशासक थे। यदि ऐसे प्रशासक, जो भक्ति सेवा से ईर्ष्यालु थे, नवद्वीप में दिन-रात कीर्तन के सशक्त प्रवर्तन और प्रचार के बारे में सुनते थे, तो वे बंगाल की राजधानी के नागरिकों पर अत्याचार और यातनाएं देते थे।
