श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  1.2.103 
বিষ্ণু-ভক্তি-শূন্য দেখি’ সকল সṁসার
অন্তরে দহযে বড চিত্ত সবাকার
विष्णु-भक्ति-शून्य देखि’ सकल सꣳसार
अन्तरे दहये बड चित्त सबाकार
 
 
अनुवाद
संसार के लोगों को भगवान विष्णु की भक्ति से रहित देखकर इन भक्तों के हृदय जल उठे।
 
Seeing the people of the world devoid of devotion to Lord Vishnu, the hearts of these devotees burned.
तात्पर्य
भक्तों के हृदय जल उठे जब उन्होंने उन जीवित प्राणियों की अधर्मी मानसिकता को देखा जो अपने कर्मों के फल भोगने को विवश थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)