|
| |
| |
श्लोक 1.17.97  |
যত প্রীত ঈশ্বরের ঈশ্বর-পুরীরে
তাহা বর্ণিবারে কোন্ জন শক্তি ধরে |
यत प्रीत ईश्वरेर ईश्वर-पुरीरे
ताहा वर्णिबारे कोन् जन शक्ति धरे |
| |
| |
| अनुवाद |
| श्री ईश्वर पुरी के प्रति भगवान के प्रेम का वर्णन करने की क्षमता किसमें है? |
| |
| Who has the ability to describe the Lord's love for Sri Ishwar Puri? |
|
|
| ✨ ai-generated |
| |
|