vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा
»
श्लोक 97
श्लोक
1.17.97
যত প্রীত ঈশ্বরের ঈশ্বর-পুরীরে
তাহা বর্ণিবারে কোন্ জন শক্তি ধরে
यत प्रीत ईश्वरेर ईश्वर-पुरीरे
ताहा वर्णिबारे कोन् जन शक्ति धरे
अनुवाद
श्री ईश्वर पुरी के प्रति भगवान के प्रेम का वर्णन करने की क्षमता किसमें है?
Who has the ability to describe the Lord's love for Sri Ishwar Puri?
तात्पर्य
ईश्वररा शब्द भगवान श्री गौरसुंदर की ओर संकेत करता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×