श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  1.17.93 
সেই-ক্ষণে রমা-দেবী অতি-অলক্ষিতে
প্রভুর নিমিত্ত অন্ন রান্ধিলা ত্বরিতে
सेइ-क्षणे रमा-देवी अति-अलक्षिते
प्रभुर निमित्त अन्न रान्धिला त्वरिते
 
 
अनुवाद
उस समय भाग्य की देवी रमादेवी ने सभी की नजरों से बचते हुए भगवान के लिए जल्दी से खाना बनाया।
 
At that time, Ramadevi, the goddess of fortune, quickly cooked food for the Lord, avoiding everyone's gaze.
तात्पर्य
भौतिक रूप से बद्ध जीवों की नज़रों से छिपकर श्री महा-लक्ष्मीदेवी, जो गौर-नारायण की सबसे प्यारी दासी हैं, ने तुरंत अपने प्यारे पति के लिए अमृत के समान भोजन पकाया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)