| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 1: आदि-खण्ड » अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा » श्लोक 88 |
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| | | | श्लोक 1.17.88  | হাসিযা বলেন প্রভু,—“যদি আমা’ চাও
যে অন্ন হৈযাছে, তাহা তুমি সব খাও | हासिया बलेन प्रभु,—“यदि आमा’ चाओ
ये अन्न हैयाछे, ताहा तुमि सब खाओ | | | | | | अनुवाद | | भगवान मुस्कुराये और बोले, “यदि तुम सचमुच मुझे प्रसन्न करना चाहते हो तो जो कुछ मैंने पकाया है उसे खाओ। | | | | God smiled and said, “If you really want to please me then eat whatever I have cooked. | | ✨ ai-generated | | |
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