श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  1.17.69 
এহো অবতারে সেই-স্থানে শ্রাদ্ধ করি’
তবে যুধিষ্ঠির-গযা গেল গৌরহরি
एहो अवतारे सेइ-स्थाने श्राद्ध करि’
तबे युधिष्ठिर-गया गेल गौरहरि
 
 
अनुवाद
इस अवतार में उन्होंने पुनः उसी स्थान पर श्राद्ध किया। तत्पश्चात भगवान गौरहरि युधिष्ठिरगया चले गए।
 
In this incarnation, he again performed the Shraddha ceremony at the same place. After that, Lord Gaurahari Yudhishthira went to Gaya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)