যোগেশ্বর-সবার দুর্লভ যে-চরণ
সেই এই দেখ, যত ভাগ্যবন্ত জন
योगेश्वर-सबार दुर्लभ ये-चरण
सेइ एइ देख, यत भाग्यवन्त जन
अनुवाद
"ये चरणकमल श्रेष्ठ योगियों को भी दुर्लभ हैं। हे सौभाग्यशाली आत्माओं, अब उन्हीं चरणकमलों को यहाँ देखो।
"These lotus feet are rare even for the best yogis. O fortunate souls, now look at those very feet here.
तात्पर्य
योगेश्वर शब्द उस व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसने प्रभु के अस्तित्व में विलय के रूप में रहस्यमय पूर्णता के फल को प्राप्त किया है या एक व्यक्ति जो हठ या राज योग के माध्यम से प्राप्त रहस्यमय पूर्णता से भरा है। जो लोग योग-शास्त्रों के विशेषज्ञ हैं वे प्रभु के अस्तित्व में विलीन हो जाते हैं। ऐसे योगी जो प्रभु के अस्तित्व में खुद को विलीन कर चुके हैं, वे कभी भी प्रभु के चरण कमलों को देखने के योग्य नहीं होते हैं। इसका कारण यह है कि उनके अनुसार सेवा का उद्देश्य, सेवक और सेवा सभी एक हैं, इसलिए आध्यात्मिक विविधता के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए योगी सबसे दुर्भाग्यशाली हैं; क्योंकि वे जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य, ईश्वर के प्रेम से वंचित हैं, भाग्यशाली भक्त अपने अंतिम वांछित लक्ष्य का सम्मान करने के बजाय निंदा करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥