श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.17.23 
ঈশ্বরে যে করে বিপ্র-পাদোদক পান
এ তা’ন স্বভাব,—বেদ-পুরাণ প্রমাণ
ईश्वरे ये करे विप्र-पादोदक पान
ए ता’न स्वभाव,—वेद-पुराण प्रमाण
 
 
अनुवाद
वेदों और पुराणों के अनुसार, ब्राह्मण के चरणों से धोया हुआ जल पीना भगवान का स्वभाव है।
 
According to the Vedas and Puranas, it is the nature of God to drink water washed by the feet of a Brahmin.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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