श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.17.20 
তবে প্রভু ব্যবস্থিলা ঔষধ আপনে
’সর্ব-দুঃখ খণ্ডে বিপ্র-পাদোদক-পানে’
तबे प्रभु व्यवस्थिला औषध आपने
’सर्व-दुःख खण्डे विप्र-पादोदक-पाने’
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने अपनी औषधि बताई, "यदि मैं ब्राह्मण के पैरों को धोकर बनाया गया जल पी लूं, तो मेरा कष्ट दूर हो जाएगा।"
 
Then the Lord told his medicine, "If I drink the water prepared by washing the feet of a Brahmin, my pain will go away."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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