शुनि’ सर्व नवद्वीप हैल आनन्दित
प्राण आसि’ देहे येन हैल उपनीत
अनुवाद
नवद्वीप में सभी लोग भगवान के आगमन की खबर सुनकर प्रसन्न थे। उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके शरीर में प्राणवायु लौट आई हो।
Everyone in Navadvipa was delighted to hear the news of the Lord's arrival. They felt as if their lives had returned.
तात्पर्य
जबकि जीवात्मा जब अपने शरीर से बाहर जाती है, तब उसे मृत कहते हैं; और जब जीवन एक जड़ शरीर में वापस आता है, तब उसे स्वस्थ और चेतन कहा जाता है। इसी प्रकार, जब गौरासुंदर श्री मायापुर से गया गए और वहाँ कुछ समय तक रहे, तो नव द्वीप के सभी निवासी निर्जीव हो गए। अब श्री गौरासुंदर के श्री मायापुर-नवद्वीप लौटने से, वे सभी अपने जीवन को पुनः प्राप्त कर लिया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥