श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  1.17.128 
“কৃষ্ণ রে! বাপ রে মোর! পাইমু কোথায?”
এই-মত বলিযা যাযেন গৌর-রায
“कृष्ण रे! बाप रे मोर! पाइमु कोथाय?”
एइ-मत बलिया यायेन गौर-राय
 
 
अनुवाद
भगवान गौर चलते हुए पुकारने लगे, "हे कृष्ण! हे मेरे प्यारे बालक! मैं तुम्हें कहाँ पाऊँ?"
 
Lord Gaura started calling out as he walked, "O Krishna! O my dear child! Where can I find you?"
तात्पर्य
इसके अतिरिक्त, वृज के वात्सल्य रस में तल्लीन होकर, उसने कृष्ण को दयनीय स्वर में ऊँचे स्वर से सम्बोधित किया और कृष्ण को खोजने के कालजयी कृत्य को प्रदर्शित किया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)