श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.17.12 
জননীর আজ্ঞা লৈ’ মহা-হর্ষ-মনে
চলিলেন মহাপ্রভু গযা-দরশনে
जननीर आज्ञा लै’ महा-हर्ष-मने
चलिलेन महाप्रभु गया-दरशने
 
 
अनुवाद
भगवान ने पहले माता शची से अनुमति ली और फिर प्रसन्नतापूर्वक गया दर्शन के लिए प्रस्थान किया।
 
The Lord first took permission from Mother Shachi and then happily left for Gaya Darshan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)