श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  1.17.117 
পাইনু ঈশ্বর মোর কোন্ কিকে গেলা?”
শ্লোক পডি’ প্রভু কান্দিতে লাগিলা
पाइनु ईश्वर मोर कोन् किके गेला?”
श्लोक पडि’ प्रभु कान्दिते लागिला
 
 
अनुवाद
“मैंने अपने प्रभु को देखा, परन्तु अब वे कहाँ चले गए?” तब प्रभु रोने लगे और विभिन्न श्लोक सुनाने लगे।
 
“I saw my Lord, but where has He gone now?” Then the Lord began to cry and recite various verses.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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