श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 114
 
 
श्लोक  1.17.114 
এক-দিন মহাপ্রভু বসিযা নিভৃতে
নিজ-ইষ্ট-মন্ত্র ধ্যান লাগিলা করিতে
एक-दिन महाप्रभु वसिया निभृते
निज-इष्ट-मन्त्र ध्यान लागिला करिते
 
 
अनुवाद
एक दिन भगवान एकांत स्थान पर बैठ गए और अपने दस अक्षर वाले मंत्र का ध्यान करने लगे।
 
One day the Lord sat in a secluded place and began to meditate on his ten-syllable mantra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)