vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा
»
श्लोक 110
श्लोक
1.17.110
শুনিযা প্রভুর বাক্য শ্রী-ঈশ্বর-পুরী
’প্রভুরে দিলেন আলিঙ্গন বক্ষে ধরি’
शुनिया प्रभुर वाक्य श्री-ईश्वर-पुरी
’प्रभुरे दिलेन आलिङ्गन वक्षे धरि’
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर श्री ईश्वर पुरी ने उन्हें गले लगा लिया।
Hearing the words of the Lord, Sri Ishwar Puri embraced him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×