श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 17: भगवान की गया यात्रा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.17.11 
শাস্ত্র-বিধি-মত শ্রাদ্ধ কর্মাদি করিযা
যাত্রা করি’ চলিলা অনেক শিষ্য লৈযা
शास्त्र-विधि-मत श्राद्ध कर्मादि करिया
यात्रा करि’ चलिला अनेक शिष्य लैया
 
 
अनुवाद
शास्त्रोक्त विधि के अनुसार अपने पिता का श्राद्ध कर्म संपन्न करने के पश्चात भगवान अपने अनेक शिष्यों के साथ गया के लिए प्रस्थान कर गए।
 
After performing the Shraddha rituals of his father as per the scriptures, the Lord left for Gaya with many of his disciples.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)