vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 70
श्लोक
1.16.70
আপনে জিজ্ঞাসে তাঙ্’রে মুলুকের পতি
“কেনে, ভাই, তোমার কি-রূপ দেখি মতি?
आपने जिज्ञासे ताङ्’रे मुलुकेर पति
“केने, भाइ, तोमार कि-रूप देखि मति?
अनुवाद
तब राजा ने व्यक्तिगत रूप से पूछा, “मेरे प्यारे भाई, तुम्हारी ऐसी मानसिकता क्यों है?
Then the king personally asked, “My dear brother, why do you have such a mentality?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×