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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
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श्लोक 49
श्लोक
1.16.49
তা’সবার ভক্তি দেখে প্রভু-হরিদাস
বন্দি-সব দেখি’ তান হৈল কৃপা-হাস
ता’सबार भक्ति देखे प्रभु-हरिदास
बन्दि-सब देखि’ तान हैल कृपा-हास
अनुवाद
जब हरिदास ने कैदियों की भक्ति देखी, तो वे दयापूर्वक उन पर मुस्कुराये।
When Haridasa saw the devotion of the prisoners, he smiled kindly upon them.
तात्पर्य
क़ैदियों को देखकर हरिदास ने करुणा के भाव से मुस्कुराते हुए चेहरों का प्रदर्शन किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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