vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 46
श्लोक
1.16.46
হরিদাস-ঠাকুরের চরণ দেখিযা
রহিলেন বন্দি-গণ প্রণতি করিযা
हरिदास-ठाकुरेर चरण देखिया
रहिलेन बन्दि-गण प्रणति करिया
अनुवाद
हरिदास ठाकुर के चरणकमलों को देखकर सभी कैदियों ने उन्हें प्रणाम किया।
Seeing the lotus feet of Haridasa Thakura, all the prisoners bowed down to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×