vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 296
श्लोक
1.16.296
শুনি’ বিপ্রাধমের বচন হরিদাস
’হরি’ বলি’ ঈষত্ হৈল কিছু হাস
शुनि’ विप्राधमेर वचन हरिदास
’हरि’ बलि’ ईषत् हैल किछु हास
अनुवाद
उस पापी ब्राह्मण के वचन सुनकर हरिदास मुस्कुराये और हरि नाम का जप करने लगे।
Hearing the words of that sinful Brahmin, Haridas smiled and started chanting the name of Hari.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×