vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 277
श्लोक
1.16.277
সর্ব-শাস্ত্র স্ফুরে হরিদাসের শ্রী-মুখে
লাগিলা করিতে ব্যাখ্যা কৃষ্ণানন্দ সুখে
सर्व-शास्त्र स्फुरे हरिदासेर श्री-मुखे
लागिला करिते व्याख्या कृष्णानन्द सुखे
अनुवाद
तब हरिदास ने कृष्णभावनामृत के आनंद में अपनी व्याख्या प्रारंभ करते हुए सभी शास्त्रों का तात्पर्य प्रकट किया।
Then Haridasa, in the bliss of Krishna consciousness, began his explanation, revealing the meaning of all the scriptures.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×