vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 261
श्लोक
1.16.261
কেহ বলে,—“একাদশী-নিশি-জাগারণে
করিবে গোবিন্দ-নাম করি’ উচ্চারণে
केह बले,—“एकादशी-निशि-जागारणे
करिबे गोविन्द-नाम करि’ उच्चारणे
अनुवाद
किसी और ने कहा, “ये भक्त एकादशी के दिन सारी रात जागकर गोविंद का नाम जपते हैं।
Someone else said, “These devotees stay awake all night on Ekadashi and chant the name of Govind.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×