vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 249
श्लोक
1.16.249
হেন হরিদাস ঠাকুরের অনুভাব
কহিযা আছেন পূর্বে শ্রী-বৈষ্ণব-নাগ
हेन हरिदास ठाकुरेर अनुभाव
कहिया आछेन पूर्वे श्री-वैष्णव-नाग
अनुवाद
इस प्रकार वैष्णव सर्प ने हरिदास ठाकुर की महिमा का वर्णन किया।
Thus the Vaishnava serpent described the glories of Haridasa Thakura.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×