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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
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श्लोक 221
श्लोक
1.16.221
হরিদাস নাচিতে বা যোড-হস্তে কেনে
রহিলা,—এ সব কথা কহ ত’ আপনে?”
हरिदास नाचिते वा योड-हस्ते केने
रहिला,—ए सब कथा कह त’ आपने?”
अनुवाद
“और जब हरिदास नाच रहे थे तो तुम हाथ जोड़कर एक तरफ क्यों खड़े थे?”
“And when Haridas was dancing, why were you standing aside with folded hands?”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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