vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 16: श्री हरिदास ठाकुर की महिमा
»
श्लोक 191
श्लोक
1.16.191
গর্ত হৈতে উঠি’ সর্প সন্ধ্যার প্রবেশে
সবেই দেখেন,—চলিলেন অন্য-দেশে
गर्त हैते उठि’ सर्प सन्ध्यार प्रवेशे
सबेइ देखेन,—चलिलेन अन्य-देशे
अनुवाद
शाम का समय था और वहां मौजूद सभी लोगों ने सांप को गुफा से बाहर निकलते देखा।
It was evening time and everyone present there saw the snake coming out of the cave.
तात्पर्य
संध्याप्रवेशे वाक्यांश का अर्थ है "शाम में" या "जैसे ही रात निकट आई।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×