फुलिया शान्तिपुर के निकट ही एक दुर्गम ग्राम था। ठाकुर हरिदास कुछ काल फुलिया तथा शान्तिपुर दोनों ही स्थलों पर रहे, जो गंगा के तट पर ही स्थित हैं।