“অশেষ দুর্গতি হয, যদি যায প্রাণ
তথাপি বদনে না ছাডিব হরি-নাম
“अशेष दुर्गति हय, यदि याय प्राण
तथापि वदने ना छाडिब हरि-नाम
अनुवाद
“भले ही मुझे असीमित दुःख का सामना करना पड़े और मेरी मृत्यु हो जाए, मैं भगवान के पवित्र नाम का जप कभी नहीं छोड़ूंगा।”
“Even if I have to face unlimited suffering and die, I will never give up chanting the holy name of the Lord.”
तात्पर्य
हि पूर्व श्लोक में निर्दिष्ट शिक्षा है। कामी भोगी, कर्मकांडी और मायावादी, ये सभी भक्ति विरोधी हैं, भक्तों से वैर भाव करें फिर भी भक्तगण कभी प्रभु के पवित्र नामों का संकीर्तन नहीं छोड़ते।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)