श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  1.15.83 
চতুর্-দিকে বসিলেন ব্রাহ্মণ-মণ্ডলী
সবেই হৈলা চিত্তে মহা-কুতূহলী
चतुर्-दिके वसिलेन ब्राह्मण-मण्डली
सबेइ हैला चित्ते महा-कुतूहली
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण भगवान के चारों ओर समूह बनाकर बैठ गए और इस प्रकार सभी लोग हृदय से अत्यन्त प्रसन्न हो गए।
 
The brahmanas sat around the Lord in groups and thus everyone became very happy from the heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)